मंगलवार, नवंबर 03, 2015

ख़्वाब में...


 इन आँखों के ,
हुनर का कुछ .
अन्दाज़ भी है,
आसमां तुझको ?

इक ख़्वाब में ,
सौ चाँद आते हैं

. और .....सौ ,
आसमां मुझको .
______________________ डॉ. प्रतिभा स्वाति
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