सोमवार, मई 01, 2017

प्रेम ....


 प्रेम .....
भाषा  की नज़र से - बड़ा  व्यापक  शब्द है !  इतिहास  है इसका ! गणित भी और साहित्य भी ! धर्म और कर्म भी इससे अछूते नहीं ...... पर फिर भी ....
____________ प्रेम में फ़रेब नहीं होता ... इसलिए जहाँ  कपट  है .. छल  है ... धोका  है .. वहां प्रेम का दिखावा  है ... आडम्बर  है . प्रेम का कोई अस्तित्व  वहां  नहीं है ! चाहत को प्रेम कहना  गलत  है ! प्रेम में चाह  नहीं  होती !



_____ इसीलिए  जिसे हम भक्ति कहते  हैं ... वह प्रेम का आदर्श  उदाहरण है ( निष्काम ) सकाम  भक्ति ... भक्ति का आदर्श उदाहरण है :)
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__इसीलिए मां को भगवान  का दर्ज़ा  दिया  गया :)

 जारी 
_________________ डॉ .प्रतिभा स्वाति


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