बुधवार, मई 07, 2014

रिश्ते ...



 अगर    खुशबू / नहीं  होती !
 तो  फूल / मुस्कुरा  पाता ?




अगर / न  होती  किरण !
तो /अँधियारा मिट  जाता ?

होती नहीं / बूंदें  अगर !
समन्दर  /कैसे इतराता ?

शब्द की / सामर्थ्य सिर्फ़ ,
अर्थ ही / है  समझाता :)

बात / रिश्तों का संदर्भ है !
काश /इंसान निभा पाता !
----------------------------------- डॉ. प्रतिभा स्वाति

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